उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक मतदान होगा, जिसके लिए पोलिंग पार्टियां रवाना हो गई हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
लखनऊ, 22 अक्टूबर।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान होगा। चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और मतदान केंद्रों के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना हो गई हैं। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।भाजपा और सपा के बीच मुकाबले को लेकर सरगर्मी तेजविधान परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए जुटे हैं। भाजपा और सपा की ओर से मतदाता सूची को लेकर एक-दूसरे पर आरोप भी लगाए गए हैं। भाजपा का लक्ष्य अपनी मौजूदा सीटें बरकरार रखने के साथ अन्य सीटों पर जीत हासिल करना है। वहीं, सपा भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास कर रही है।11 निर्वाचन क्षेत्रों में होगा मतदानइस चुनाव में आगरा, मेरठ, लखनऊ और वाराणसी के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा बरेली-मुरादाबाद शिक्षक, इलाहाबाद-झांसी स्नातक और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी मतदान कराया जाएगा।राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों ने मतदान केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है। मतदान शुक्रवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा।बूथ प्रबंधन पर प्रत्याशियों का जोरमतदान से पहले राजनीतिक दल और प्रत्याशी अपने बूथ प्रबंधन को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उनका प्रयास है कि समर्थक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। मतदान केंद्रों पर प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।मतदान के लिए विशेष आकस्मिक अवकाशउत्तर प्रदेश शासन ने 23 अक्टूबर को पात्र मतदाताओं के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश घोषित किया है, ताकि वे मतदान में भाग ले सकें। संबंधित जिलों में भी इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।मतदाता सूची की छोटी गलतियों पर नहीं रोका जाएगा मतदानमुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, मतदाता सूची में नाम या अन्य विवरण से जुड़ी आंशिक लिपिकीय अथवा मुद्रण संबंधी त्रुटियों के आधार पर किसी मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। इस संबंध में सभी संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।