महाराष्ट्र के करीब आठ हजार एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड 18 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की है और एक नवंबर तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दो नवंबर से हड़ताल की चेतावनी दी है।
मुंबई, 22 अक्टूबर।
महाराष्ट्र में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। गुरुवार को प्रदेश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इंटर्न डॉक्टरों के संगठन अस्मी ने कहा है कि यदि एक नवंबर 2026 तक सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो दो नवंबर से पूरे राज्य में हड़ताल शुरू की जाएगी। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।18 हजार रुपये स्टाइपेंड से नहीं चल रहा खर्चइंटर्न डॉक्टरों के संगठन के अनुसार, महाराष्ट्र में प्रशिक्षु डॉक्टरों को हर महीने 18 हजार रुपये स्टाइपेंड दिया जाता है। संगठन का कहना है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में इंटर्न डॉक्टरों को 25 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर में यह राशि 30 हजार रुपये है।संगठन के सचिव डॉ. रमण पवार ने कहा कि महंगाई के साथ रहने, खाने और आवागमन का खर्च भी बढ़ गया है। अस्पतालों में मरीजों की देखभाल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाले इंटर्न डॉक्टरों के लिए मौजूदा स्टाइपेंड पर्याप्त नहीं है।स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांगमहाराष्ट्र में करीब आठ हजार एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर हैं। संगठन के मुताबिक, अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ सहित संबंधित अधिकारियों को 23 बार पत्र और ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद मांगों पर अब तक निर्णय नहीं हुआ है।डॉक्टरों की मांग है कि मासिक स्टाइपेंड 18 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये किया जाए। इसके साथ ही हर साल स्टाइपेंड में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की व्यवस्था लागू हो।सरकार से लिखित आश्वासन की मांगइंटर्न डॉक्टरों ने सरकार से मांगों पर समयबद्ध निर्णय लेने और लिखित आश्वासन देने की अपील की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि एक नवंबर तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दो नवंबर से राज्यव्यापी हड़ताल शुरू की जाएगी। ऐसे में सरकार के फैसले पर मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति निर्भर करेगी।