पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने फायरिंग, चोरी के प्रयास और लूट की तीन घटनाओं में आरोपित अनिल चातर को गिरफ्तार कर हथियार बरामद करने का दावा किया है।
पश्चिमी सिंहभूम, 22 अक्टूबर।
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में गोलीबारी, हथियार के बल पर चोरी के प्रयास और लूट की तीन घटनाओं के मामलों में पुलिस ने अनिल चातर उर्फ अनिल मुंडा उर्फ बच्चा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित के पास से वारदातों में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद करने का दावा किया है। वह ओडिशा के क्योंझर जिले के बड़बिल थाना क्षेत्र के ठकुरानी, टांकुरा गांव का निवासी है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से जेटेया, नोवामुंडी और तांतनगर थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों की जांच को अहम सफलता मिली है। आरोपित के खिलाफ पश्चिमी सिंहभूम जिले के अलग-अलग थानों में पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।नोवामुंडी अंचल के पुलिस निरीक्षक बासुदेव मुंडा ने गुरुवार को बताया कि पहली घटना 5 अक्टूबर 2026 की शाम जेटेया थाना क्षेत्र के कोटगढ़ चौक के पास हुई थी। कातिकोड़ा निवासी 24 वर्षीय विभीषण तिरिया प्रमाणपत्र बनवाकर लौट रहे थे। रास्ते में सड़क किनारे रो रही एक लड़की के बारे में पूछने के लिए उन्होंने मोटरसाइकिल रोकी। इसी दौरान पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और उनका मोबाइल छीनकर सड़क पर पटक दिया। विरोध करने पर एक युवक ने कट्टे से गोली चला दी। गोली उनके दाहिने कान के पास से निकल गई और वह घायल हो गए। इस मामले में शस्त्र अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।दूसरी घटना 6 अक्टूबर को नोवामुंडी के पचायसाई स्थित मुर्गी फार्म में चोरी के प्रयास की है। फार्म संचालक रूपेश ठाकुर के अनुसार, सुरक्षा गार्ड परकेस नायक ने उन्हें फोन कर बताया कि दो व्यक्ति चोरी के इरादे से अंदर घुसे थे। उनमें से एक ने हथियार दिखाकर उसे चुप रहने की धमकी दी। आरोपितों ने मेज की दराज में रुपये तलाशे और पैसे नहीं मिलने पर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।तीसरी घटना तांतनगर थाना क्षेत्र में हुई। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के निवासी 54 वर्षीय इमामुद्दीन अंसारी ने शिकायत में बताया कि 6 अक्टूबर को सुबह करीब 11:30 बजे आरोपितों ने उनकी गर्दन पर चापड़ रखकर छह हजार रुपये नकद और खाने-पीने का सामान लूट लिया।पुलिस ने बताया कि आरोपित के खिलाफ हाटगम्हरिया, मंझारी और चाईबासा के मुफ्फसिल थाने में भी लूट और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के लिए गठित दल में पुलिस निरीक्षक बासुदेव मुंडा सहित जेटेया और नोवामुंडी थानों के अधिकारी तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।