मंडी, 22 अक्टूबर।
सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी के कंप्यूटर विज्ञान विभाग ने क्राफ्ट एजुकेशन के सहयोग से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। इसमें विद्यार्थियों को पायथन के माध्यम से इन आधुनिक तकनीकों की बुनियादी जानकारी देने के साथ उनके व्यावहारिक उपयोगों से परिचित कराया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी तथा परीक्षा नियंत्रक और कंप्यूटर विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. सनील ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, व्यवसाय और स्वचालन सहित कई क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। इन तकनीकों से भविष्य में होने वाले तकनीकी बदलावों और उनके संभावित अनुप्रयोगों की जानकारी भी साझा की गई।
विद्यार्थियों को प्रोग्रामिंग कौशल मजबूत करने, नए विचारों पर काम करने और व्यावहारिक परियोजनाओं के माध्यम से अपनी तकनीकी समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग भविष्य की तकनीकी प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देने में सहायक होती हैं।
वहीं, डॉ. सनील ठाकुर ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देना और कौशल विकास के जरिए भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए तैयार करना है। उन्होंने परियोजना आधारित शिक्षण को विद्यार्थियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।














