सिर्फ जिले में लगातार अच्छा काम करना ही जरूरी नहीं है, अच्छे काम के साथ-साथ सब पर नजर रखना भी जरूरी है।
पिछले दिनों दो जिलों से किसानों ने राजधानी की ओर कूच किया और राजधानी पहुंच भी गए।
किसानों का तो कुछ नहीं हुआ, लेकिन दोनों जिलों के बड़े साहब नप गए। अब वे यही पूछ रहे हैं कि आखिर हमारा कसूर क्या था?














