न्यूयॉर्क, 25 सितंबर।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम और गाजा युद्ध को लेकर इजराइल का पक्ष रखा। उन्होंने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर इजराइली सैन्य कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि यह कदम नहीं उठाया जाता तो गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान की परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाना आसान नहीं था, लेकिन प्रधानमंत्री के तौर पर उनके लिए यह फैसला जरूरी था। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई से इजराइल के साथ उन देशों की भी सुरक्षा हुई, जिनके प्रतिनिधि उनके भाषण के दौरान सभागार से बाहर चले गए।
नेतन्याहू के भाषण के लिए मंच पर पहुंचते ही बड़ी संख्या में प्रतिनिधि महासभा कक्ष से बाहर निकल गए। कुछ प्रतिनिधियों ने उनके संबोधन का विरोध किया और कुछ ने तालियां बजाकर समर्थन जताया। बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों को नेतन्याहू ने नैतिक रूप से कायर बताया।
हमास और ईरान का जिक्र करते हुए नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 के हमले को इजराइल के इतिहास का सबसे काला दिन बताया। उन्होंने कहा कि हमले के बाद इजराइल ने अपनी सुरक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई की और उसके विरोधियों की उम्मीदों के विपरीत देश ने जवाब दिया।
उन्होंने ईरान, हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल की कार्रवाई का उल्लेख किया तथा अमेरिका के समर्थन की सराहना की। नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व और इजराइल-अमेरिका संबंधों को भी महत्वपूर्ण बताया।
गाजा में इजराइल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को नेतन्याहू ने खारिज कर दिया। उन्होंने इन आरोपों को सदी का सबसे बड़ा झूठ बताया। उनका कहना था कि इजराइल ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए और गाजा में भोजन तथा टीकों की आपूर्ति की अनुमति दी।
गाजा की मानवीय स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंताएं जताई जाती रही हैं। अपने संबोधन में नेतन्याहू ने इजराइल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया और आरोपों की आलोचना की।
नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर भी निशाना साधा। ममदानी ने नेतन्याहू पर युद्ध अपराधों के आरोप लगाए हैं और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के गिरफ्तारी वारंट के पालन की वकालत की है। नेतन्याहू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए ममदानी पर हमास समर्थक रुख अपनाने का आरोप लगाया।
तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन की भी नेतन्याहू ने आलोचना की। 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले और इसके बाद गाजा में इजराइली सैन्य अभियान के बाद इजराइल और तुर्किये के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।
ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से इजराइल पर लगाए गए औपनिवेशिकता संबंधी आरोपों को भी नेतन्याहू ने खारिज किया। उन्होंने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की गोलान हाइट्स से इजराइली सैनिकों की वापसी की मांग का भी विरोध किया।












