भोपाल, 26 सितंबर।
मध्य प्रदेश के पूर्वी संभागों में मानसून का मिजाज एक बार फिर तल्ख हो गया है, जिसके चलते आगामी 48 घंटों के दौरान झमाझम बारिश का सिलसिला जारी रहने के पूरे आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के तमाम जिलों में शनिवार को भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना जिलों के लिए विशेष तौर पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार मूसलधार बारिश और बिगड़ते हालात के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए सतना में शनिवार को नर्सरी से कक्षा आठवीं तक तथा मैहर में नर्सरी से बारहवीं तक के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों को बंद रखने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, जबलपुर और रीवा समेत प्रदेश के करीब 18 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इनमें निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना में ऑरेंज अलर्ट के अलावा भिंड, दतिया, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, मंडला और डिंडौरी जिले शामिल हैं, जहां अगले 24 घंटों में तेज पानी बरस सकता है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत कई अन्य जिलों में हल्की बूंदाबांदी या फुहारें पड़ने का अनुमान है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में बने गहरे अवदाब की तीव्रता भले ही कम हुई है, लेकिन नमीयुक्त हवाओं की उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में सक्रियता पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का कोटा पूरा कर रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले निचले इलाकों की तरफ जाने से बचें।
दूसरी तरफ, प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का काउंटडाउन शुरू हो चुका है, क्योंकि सामान्यतः मानसून 1 जून से 30 सितंबर तक सक्रिय रहता है और अब इसकी विदाई में महज पांच दिन शेष हैं। राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू भी हो चुकी है। राज्य में अब तक कुल 880.5 मिमी (यानी 34.7 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत 937.9 मिमी (36.9 इंच) की तुलना में महज 6 प्रतिशत यानी 2.2 इंच कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा लगभग सामान्य के करीब पहुंच गया है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 11 प्रतिशत कम पानी बरसा है। हालांकि, पिछले एक हफ्ते में हुई झमाझम से कई जिलों की स्थिति सुधरी है, और वर्तमान में राज्य के 23 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जबकि कुछ जिले अब भी पानी की कमी से जूझ रहे हैं।














