देहरादून, 28 सितंबर।
उत्तराखंड में मौसम साफ होने और हालात सुधरने के बाद प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को आज सोमवार से एक बार फिर से पूरी तरह से सुचारू कर दिया गया है, क्योंकि गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार यात्रा के सुचारू संचालन को लेकर सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को पहले ही जरूरी निर्देश जारी किए जा चुके हैं, और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है जिसके चलते मौसम के मिजाज और यात्रा मार्गों की स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है, तथा इससे पहले मौसम विभाग के खराब मौसम के पूर्वानुमान को मद्देनजर रखते हुए किसी भी अनहोनी से बचने के लिए 26 सितंबर की दोपहर से लेकर 27 सितंबर तक सुरक्षा कारणों के चलते चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब स्थिति सामान्य होने के बाद श्रद्धालुओं को दोबारा यात्रा की अनुमति दे दी गई है।
स्थानीय परिस्थितियों और सुरक्षा इंतजामों पर बात करते हुए गढ़वाल आयुक्त ने स्पष्ट किया कि चूंकि चारधाम यात्रा के तमाम मार्ग अलग-अलग जनपदों से होकर गुजरते हैं और हर क्षेत्र का मौसम तथा भौगोलिक मिजाज अलग होता है, इसलिए सभी संबंधित जिलाधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की स्थानीय परिस्थितियों का खुद आकलन करके यात्रा संचालन के संबंध में उचित निर्णय लें, और यदि भविष्य में किसी भी क्षेत्र में भारी बारिश होती है या सड़क मार्ग बाधित होता है तो स्थानीय प्रशासन अपने स्तर पर तुरंत यात्रा को रोक सकता है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार के जोखिम का सामना न करना पड़े, साथ ही प्रशासन ने देश के कोने-कोने से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से यह विशेष अपील भी की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम के ताजा हाल और रास्तों की जानकारी जरूर जुटा लें तथा खराब मौसम या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करते हुए सहयोग करें।














