देहरादून, 28 सितंबर।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के अंतर्गत आने वाले कालिंदी ट्रेक क्षेत्र में मौसम खराब होने के कारण फंसे हुए पर्यटकों व ट्रेकर्स को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आज सोमवार को भी राहत एवं बचाव अभियान पूरी तत्परता के साथ जारी रहा, जिसके तहत आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक कुल 25 लोगों को सकुशल रेस्क्यू किया जा चुका है और इस बड़े अभियान को अंजाम देने के लिए चार विशेष हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है, जिनमें से एक हेलीकॉप्टर ने हर्षिल हेलीपैड पर उतरकर ऑडेन कॉल के वास्ते उड़ान भरी जबकि दो अन्य हेलीकॉप्टर भी हर्षिल पहुंच चुके हैं तथा स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बचाव कार्य में दक्ष विशेषज्ञ टीम भी इस ऑपरेशन में डटी हुई है, वहीं राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक उत्तरकाशी और बागेश्वर के विभिन्न उच्च हिमालयी ट्रेकिंग मार्गों पर मौजूद कुल 149 ट्रेकर्स व सहयोगी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं जिनमें उत्तरकाशी के अलग-अलग ट्रेक रूट्स पर 106 लोग और बागेश्वर के पिंडारी ग्लेशियर क्षेत्र में 43 लोग शामिल हैं, जिनमें कालिंदी पास ट्रेक, माउंट सुदर्शन, माउंट भागीरथी-2, माउंट नंदनवन, माउंट जोगिन-1, माउंट शिवलिंग और माउंट सतोपंथ के बेस कैंपों में ठहरे पर्वतारोही व उनके सहायक कर्मी सुरक्षित हैं।

दूसरी तरफ रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्थित चीड़बासा स्लाइडिंग जोन के पास बीती रात अचानक हुए भीषण भूस्खलन की वजह से फंसे लगभग 1500 तीर्थयात्रियों को बचाने के लिए जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और डीडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने रातभर अदम्य साहस का परिचय दिया, तथा जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को जैसे ही यह सूचना मिली कि गौरीकुंड से लगभग तीन किलोमीटर आगे चीड़बासा क्षेत्र में भारी लैंडस्लाइड के कारण मार्ग अवरुद्ध होने से सैकड़ों यात्री दोनों तरफ फंस गए हैं, तो सोनप्रयाग से पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके के लिए रवाना हो गए, जहाँ लगातार गिरते पत्थरों और मलबे के बीच जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू टीमों ने बेहद सूझबूझ और आपसी समन्वय के साथ पूरी रात अभियान चलाया और सभी 1500 यात्रियों को सुरक्षित तरीके से स्लाइडिंग जोन पार करवाकर सकुशल गौरीकुंड तक पहुँचाया।














