तेहरान, 28 सितंबर।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एक साक्षात्कार के दौरान यह स्पष्ट किया है कि उनका देश अमेरिका के साथ किसी भी नए संभावित युद्ध का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, हालांकि इसके साथ ही तेहरान कूटनीतिक माध्यमों से तनाव को कम करने के अपने प्रयास भी लगातार जारी रखे हुए है, क्योंकि अमेरिकी मीडिया को दिए गए इस इंटरव्यू में उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान किसी भी अमेरिकी सैन्य आक्रामकता का मजबूती से जवाब देने की पूरी क्षमता रखता है और अब सारा फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेना है।
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब ऐसी खबरें आ रही हैं कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ एक बार फिर सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है, जिस पर अरागची ने यह दोटूक कहा कि उनके लिए अमेरिकी चुनावों से ज्यादा महत्वपूर्ण उनके अपने राष्ट्रीय हित हैं, तथा उन्होंने यह भी बताया कि इस सप्ताह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठकों के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए कई कूटनीतिक प्रयास किए हैं, जबकि ट्रंप के रुख को “विरोधाभासी” बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक तौर पर प्रस्ताव खारिज करने के बावजूद मध्यस्थों के जरिए ईरान को कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है।
विदेश मंत्री अरागची ने आगे कहा कि ईरान किसी व्यापक समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए तैयार है, बशर्ते इसके बदले में उसके जमे हुए फंड और संपत्तियां मुक्त की जाएं तथा तेल की बिक्री पर लगी रोक हटाई जाए, और उन्होंने जून माह में हुए उस अस्थायी युद्धविराम समझौते का भी जिक्र किया जो पाकिस्तान की मध्यस्थता से तय हुआ था लेकिन अमेरिका द्वारा जिम्मेदारियां पूरी न करने के कारण कुछ ही दिनों में टूट गया था, तथा अंत में उन्होंने यह दोहराया कि मौजूदा हालात में बातचीत के लिए बहुत कम गुंजाइश बची होने के बावजूद ईरान शांति का कोई मौका नहीं गंवाना चाहता है, बशर्ते बातचीत सम्मान, न्याय और ईरानी जनता के अधिकारों की पक्की गारंटी पर आधारित हो।













