भोपाल, 08 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है, लेकिन मौसम में सक्रिय सिस्टम के कारण पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर अभी जारी है। पिछले 24 घंटे में 10 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज हुई, जबकि गुरुवार को जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में आंधी के साथ बारिश होने का अनुमान है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भी पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में बारिश हो सकती है। इसके बाद सक्रिय मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने लगेगी और 10 अक्टूबर से पूर्वी तथा पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम के शुष्क होने की संभावना है। 10 से 12 अक्टूबर के बीच प्रदेश में ड्राय मौसम रहने का अनुमान है। पूर्वी हिस्से में 9 अक्टूबर के आसपास होने वाली बारिश से स्थानीय स्तर पर खेतों की ऊपरी मिट्टी में नमी बढ़ सकती है, लेकिन इसे पूरे प्रदेश में समान रूप से नमी देने वाली बारिश नहीं माना जा सकता।
मौसम में बदलाव का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। खासकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में लगातार शुष्क मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए रबी की तैयारी कर रहे किसानों को बोवनी या सिंचाई का निर्णय स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर लेने की जरूरत होगी। मिट्टी में उपलब्ध नमी, सिंचाई की सुविधा, हाल की वास्तविक बारिश और खेत की स्थिति को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण होगा। जून से सितंबर तक प्रदेश में 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश हुई, जो सामान्य 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच से करीब 1.5 इंच कम रही और कुल बारिश सामान्य से 4 प्रतिशत कम दर्ज हुई। क्षेत्रवार पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम बारिश हुई। प्रदेश के 25 जिलों में मानसूनी बारिश का कोटा पूरा हुआ, जबकि 30 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही। अक्टूबर की शुरुआत में कई इलाकों में तेज धूप और रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंडक महसूस हुई, वहीं कुछ जिलों में बारिश भी जारी रही। पिछले 10 वर्षों के रुझान में भी अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह का मौसम देखने को मिलता रहा है।














