काठमांडू, 08 अक्टूबर।
नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण हिल्सा-सिमकोट सड़क मार्ग बंद होने से हुम्ला के करीब 300 नेपाली नागरिक तिब्बत के पुरंग में फंस गए हैं। चीन के पुरंग क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और अन्य कामों के लिए गए ये लोग सड़क बंद होने के कारण नेपाल वापस नहीं लौट पा रहे हैं। इनमें नाम्खा गांवपालिका के 150 से अधिक नागरिक शामिल हैं। लगातार बर्फ जमने से हिल्सा से सिमकोट की ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित है, जबकि पैदल लौटना भी जोखिम भरा हो गया है। पुरंग में मौजूद लोगों के अनुसार, सड़क से बर्फ हटने और मार्ग बहाल होने के बाद ही हिल्सा के रास्ते नेपाल लौटना संभव होगा। लंबे समय तक रास्ता बंद रहने से फंसे लोगों के सामने रहने, भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ने लगी हैं। हिल्सा से जुड़ा पुरंग काउंटी चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ङारी प्रीफेक्चर में स्थित महत्वपूर्ण व्यापारिक इलाका है और हुम्ला के लोगों के लिए इसका सीधा व्यापारिक संपर्क है।
हुम्ला के प्रमुख जिला अधिकारी भोलानाथ गुरागाईं के अनुसार, हिल्सा-सिमकोट मार्ग पर बर्फ जमा होने के कारण चीन की ओर गए व्यापारी और स्थानीय लोग पुरंग के ताक्लाकोट क्षेत्र में रुके हुए हैं। उन्होंने बताया कि पुरंग क्षेत्र में बर्फ हटाए जाने और सड़क खुलने के बाद ही इन लोगों की वापसी संभव हो सकेगी। सड़क बंद होने का असर हुम्ला के उत्तरी इलाकों की व्यापारिक गतिविधियों और स्थानीय आवागमन पर भी पड़ा है। पुरंग में फंसे नेपाली नागरिकों ने जल्द से जल्द सड़क बहाल करने की मांग की है और यदि तत्काल रास्ता खोलना संभव नहीं हो तो वैकल्पिक माध्यम से उन्हें निकालने की व्यवस्था करने की अपील की है। ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में लगातार बर्फबारी के कारण सड़क बहाली में समय लगने की आशंका है। ऐसे में मार्ग लंबे समय तक बंद रहा तो चीन में फंसे नेपाली नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।













