हिसार, 22 अक्टूबर।
हरियाणा के हिसार में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का असर कई रिहाइशी इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। गुरुवार सुबह से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण कई जगह अंधेरे की स्थिति बन गई। इससे लोगों के रोजमर्रा के कामकाज के साथ पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। उधर, निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने बिजली घरों और उपकेंद्रों के बाहर धरना-प्रदर्शन तेज कर दिया है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के गुरुग्राम और नूंह मंडलों का समानांतर लाइसेंस निजी एजेंसी को सौंपने के फैसले के विरोध में कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।
प्रशासन ने जिले के बिजली संस्थानों, उपकेंद्रों और ताप विद्युत केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत धारा 163 लागू कर दी है। सुरक्षा के लिए 400 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और पर्याप्त संख्या में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। तकनीकी समस्याओं से निपटने के लिए 20 त्वरित कार्रवाई और आपातकालीन दल भी गठित किए गए हैं। अस्पतालों, पेयजल आपूर्ति और रेलवे जैसी आवश्यक सेवाओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थिति का जायजा लेने के लिए उपायुक्त महेंद्र पाल ने गुरुवार को जिले के विभिन्न बिजली घरों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने और बिजली आपूर्ति बहाल रखने के लिए लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली एक आवश्यक सेवा है और इसकी कमी से अस्पतालों, किसानों, पेयजल व्यवस्था तथा आम लोगों को परेशानी हो सकती है। अधिकारियों को तकनीकी खराबी की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का तुरंत समाधान करने को कहा गया है।
प्रशासन ने बिजली उपकेंद्रों, वितरण व्यवस्था और ताप विद्युत केंद्रों की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। ये अधिकारी नियंत्रण कक्ष के माध्यम से चौबीसों घंटे महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं।
हालांकि, बिजली कटौती से परेशान लोगों ने शिकायत की है कि आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष पर फोन करने के बावजूद उन्हें जवाब नहीं मिल रहा है। लोगों का आरोप है कि उनकी कॉल का उत्तर नहीं दिया जा रहा, जिससे समस्याओं के समाधान में परेशानी हो रही है।














