नई दिल्ली, 22 अक्टूबर।
दिल्ली नगर निगम की साधारण सभा की बैठक शुरू होते ही आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके चलते सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी पार्षदों का विरोध जारी रहा, जिससे सदन में फिर से व्यवधान पैदा हुआ।
इस दौरान कांग्रेस पार्षद नाजिया दानिश ने आम आदमी पार्टी के पूर्व महापौरों के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में दो महापौर होने के बावजूद वे स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाते थे।
नाजिया दानिश ने तंज कसते हुए कहा कि किसी महापौर के कामकाज को जेल से नियंत्रित किया जाता था, तो किसी के पीछे कोई दूसरा व्यक्ति काम कर रहा था। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के महापौर अपने स्तर पर स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं लेते थे।
कांग्रेस पार्षद ने इस दौरान शगुफ्ता जुबेर चौधरी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल होने के उनके फैसले को लेकर निशाना साधा।
एमसीडी सदन की बैठक में हुए इस घटनाक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के पार्षदों के विरोध और कांग्रेस पार्षद की टिप्पणियों के कारण राजनीतिक टकराव देखने को मिला।














