संवाद और कूटनीति पर भारत का जोर
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और शांति बहाल करने के लिए संवाद एवं कूटनीति को आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने आपसी संपर्क बनाए रखने पर भी सहमति जताई।यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान केंद्रित है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने क्षेत्रीय हालात पर विचार साझा किए और शांति तथा स्थिरता की आवश्यकता पर बल दिया।
अगस्त में भी हुई थी बातचीत
इससे पहले दोनों नेताओं के बीच 6 अगस्त को बातचीत हुई थी। उस दौरान उन्होंने भारत-इजराइल विशेष रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की थी और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श किया था।ताजा बातचीत में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर संवाद जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।














