भोपाल, 22 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी को पश्चिमी क्षेत्र में सबसे कम विद्युत पारेषण हानि दर्ज करने के लिए राष्ट्रीय पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। कंपनी ने 2.60 प्रतिशत पारेषण हानि दर्ज की है। उसे लगातार दूसरे वर्ष यह सम्मान मिला है।
ऊर्जा मंत्री ने इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेश की मजबूत विद्युत पारेषण व्यवस्था, तकनीकी दक्षता, नवाचार और निरंतर सुधार के प्रयासों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पारेषण हानि को न्यूनतम रखते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।
एमपी ट्रांसको की ओर से अतिरिक्त मुख्य अभियंता आरसी शर्मा और वसंत कर्नाड ने यह पुरस्कार प्राप्त किया।
यह पुरस्कार भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय से मान्यता प्राप्त मंच के माध्यम से दिया जाता है। इसकी स्थापना विद्युत क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय पत्रिका पावर लाइन ने की है। इसका उद्देश्य भारतीय विद्युत पारेषण क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहित करना है।
पश्चिमी क्षेत्र में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ और गोवा सहित पांच राज्य शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली भी इसी क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इस क्षेत्र में सबसे कम पारेषण हानि दर्ज करना मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।














