नई दिल्ली, 22 अक्टूबर।
भारत और कनाडा के बीच शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। शिक्षा मंत्रालय में हुई बैठक में दोनों देशों के बीच उच्च शिक्षा संबंधों को मजबूत करने, शोध साझेदारी का विस्तार करने और विद्यार्थियों के लिए एक-दूसरे के देश में पढ़ाई के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक में भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर और व्यापार आयुक्त एमी एंटोनिनी ने शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी के साथ विचार-विमर्श किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच बातचीत में घोषित समझौता ज्ञापनों को लागू करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर
बैठक में भारत और कनाडा के शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा शोध के क्षेत्र में नई साझेदारियां विकसित करने पर चर्चा हुई। दोनों देशों के विद्यार्थियों की आवाजाही आसान बनाने और उन्हें बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के मुद्दे भी उठाए गए।
इसके अलावा, भारत में कनाडा के विश्वविद्यालयों के लिए संभावनाएं बढ़ाने पर विचार किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कनाडा के विश्वविद्यालयों की भारत में मौजूदगी और भारतीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा हुई।
समझौता ज्ञापनों को लागू करने की तैयारी
बैठक का प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की बातचीत के दौरान घोषित समझौता ज्ञापनों को आगे बढ़ाना और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करना रहा। इसके माध्यम से भारत और कनाडा के बीच शैक्षणिक संबंधों को नई गति देने की कोशिश की जा रही है।
बैठक के बाद जारी संदेश में दोनों देशों ने शैक्षणिक सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
इस पहल से दोनों देशों के विश्वविद्यालयों के बीच संपर्क मजबूत होने, साझा शोध परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलने और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।














