देहरादून, 23 अक्टूबर।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने पार्टी संगठन में अलग-थलग किए जाने की चर्चाओं पर स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वे हमेशा से मुख्यधारा में रहे हैं और आगे भी रहेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी उनके दीर्घकालिक राजनीतिक अनुभव का पूरा लाभ उठा रही है। जब भी और जहाँ भी संगठन को उनकी जरूरत होती है, वे अपनी सेवाएँ प्रदान करते हैं।
शनिवार को रिस्पना स्थित एक होटल में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें अच्छी तरह पता है कि हाशिए पर होना क्या होता है। वे सदैव मुख्यधारा का हिस्सा रहे हैं और जब तक राजनीति में रहेंगे, मुख्यधारा में ही बने रहेंगे।
अपने विस्तृत राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए निशंक ने कहा कि उन्होंने विधायक, सांसद, राज्य में मंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारियाँ निभाई हैं।
उन्होंने बताया कि बीजेपी उनके इस अनुभव का निरंतर उपयोग कर रही है। संगठन में जहाँ भी उनकी आवश्यकता होती है, वहाँ उन्हें कार्य सौंपा जाता है।
विपक्ष द्वारा सरकार के खिलाफ निकाली जा रही यात्राओं और विभिन्न मुद्दों पर घेराबंदी के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीति में विपक्ष का अपना दायित्व होता है। वे प्रश्न उठाते हैं और अपनी गतिविधियाँ चलाते हैं।
डॉ. निशंक का यह वक्तव्य ऐसे मोड़ पर सामने आया है जब उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सरगर्मियाँ बढ़ रही हैं। उनके इस बयान को संगठन में उनकी सक्रियता पर उठ रहे सवालों के सीधे जवाब के रूप में देखा जा रहा है।














