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अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन
23 Oct, 2026

एशियाई पैरा खेल 2026: हरविंदर-विजय ने तीरंदाजी में जीता स्वर्ण, अन्य स्पर्धाओं में मिले तीन रजत पदक

एशियाई पैरा खेल-2026 के पांचवें दिन हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि थुलासिमति, प्रमोद तथा भावना-पूजा की जोड़ी ने रजत पदक हासिल किए।

आइची-नागोया, 23 अक्टूबर।

एशियाई पैरा खेल-2026 के पांचवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। शुक्रवार को तीरंदाजी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स स्पर्धाओं में भारतीय एथलीटों ने कुल मिलाकर एक स्वर्ण और तीन रजत पदक अपने नाम किए।

पुरुषों की रिकर्व युगल तीरंदाजी स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में हरविंदर सिंह और पदार्पण कर रहे विजय सुंडी की जोड़ी ने इतिहास रच दिया। इस भारतीय जोड़ी ने चीन के खिलाफ बेहतरीन खेल दिखाते हुए 5-1 से मुकाबला अपने पक्ष में किया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

मुकाबले की शुरुआत में पहला सेट 35-35 की बराबरी पर छूटा। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी लय हासिल करते हुए दूसरा सेट 37-36 और तीसरा सेट 38-36 के अंतर से जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दबाव भरे क्षणों में दोनों ने सटीक निशाने साधे। हरविंदर लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

महिला रिकर्व युगल स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में भावना और पूजा की जोड़ी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। चीनी जोड़ी ने कड़े मुकाबले में 6-0 से जीत हासिल की। चीन ने तीनों सेट क्रमशः 38-31, 35-30 और 39-29 से अपने नाम किए। चीनी जोड़ी का औसत प्रदर्शन प्रति तीर 9.33 अंक रहा, जबकि भारतीय जोड़ी का औसत 7.50 अंक रहा। इसके बावजूद भावना और पूजा ने फाइनल तक का सफर तय कर पदक पक्का किया।

बैडमिंटन कोर्ट पर थुलासिमति मुरुगेसन ने महिला एकल एसयू5 वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। खिताबी भिड़ंत में उन्हें चीन की खिलाड़ी चिउशिया यांग के हाथों 21-18, 21-11 से हार का सामना करना पड़ा। थुलासिमति ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल का मुज़ाहिरा किया।

तमिलनाडु के कांचीपुरम में 11 अप्रैल 2002 को जन्मी थुलासिमति ने पांच वर्ष की आयु से ही खेलों में रुचि दिखाई थी। बाएं हाथ में जन्मजात विकृति के कारण अंगूठे का सही विकास न होने और मांसपेशियों की कमजोरी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उनके पिता डी. मुरुगेसन ने उन्हें पांच साल तक प्रशिक्षित कर पैरा खेलों के लिए प्रेरित किया। वह इससे पहले विश्व चैंपियनशिप और फाजा दुबई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी पदक जीत चुकी हैं।

एथलेटिक्स स्पर्धा में प्रमोद ने पुरुषों की 1500 मीटर टी46 श्रेणी में शानदार दौड़ लगाते हुए रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने चार मिनट 9.65 सेकंड का समय दर्ज किया। हांगझोऊ में आयोजित 2022 के एशियाई पैरा खेलों में भी उन्होंने इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था और इस बार भी उन्होंने अपने इस शानदार प्रदर्शन को दोहराया है।

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