आइची-नागोया, 23 अक्टूबर।
पैरा एशियाई खेल-2026 में भारतीय एथलीटों का परचम लगातार लहरा रहा है। भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए पदकों का दोहरा शतक पार करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है और देश की झोली में कई और पदक डाले हैं।
पैडमिंटन कोर्ट पर नवीन शिवकुमार ने देश के लिए ऐतिहासिक स्वर्णिम सफलता हासिल की। उन्होंने पुरुष एकल एसएल-4 स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया।
नवीन ने फाइनल मैच में इंडोनेशियाई खिलाड़ी फ्रेडी सेतियावान को सीधे सेटों में 21-9, 21-17 के अंतर से शिकस्त दी। महज 36 मिनट तक चले इस रोमांचक मुकाबले में नवीन ने पहले सेट से ही अपना दबदबा बनाए रखा और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
महिला वर्ग के एकल बैडमिंटन फाइनल में भारत की सुमति सिवन नित्या श्री को चीनी खिलाड़ी ली फेंगमेई के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा।
इस खिताबी भिड़ंत में नित्या श्री को 12-21, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा। छब्बीस मिनट तक चले इस कड़े संघर्ष के बाद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
एथलेटिक्स के मैदान पर भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी फिटनेस और कौशल का लोहा मनवाया। पुरुषों की 1500 मीटर टी46 स्पर्धा में भारत के प्रमोद ने बेहतरीन दौड़ लगाई।
प्रमोद ने 4 मिनट 9.65 सेकंड का समय निकालते हुए रजत पदक पर कब्जा जमाया। इस स्पर्धा में श्रीलंका के खिलाड़ी ने रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण अपने नाम किया, जबकि फिलीपींस के एथलीट ने कांस्य पदक जीता।
महिलाओं की लंबी कूद टी46/टी47 स्पर्धा में देश की होनहार एथलीट निमिषा चक्कुंगलपरम्बिल ने कमाल का प्रदर्शन किया।
निमिषा ने अपने तीसरे प्रयास में 5.37 मीटर की शानदार छलांग लगाते हुए रजत पदक अपने नाम कर लिया। इस इवेंट में श्रीलंका की खिलाड़ी ने स्वर्ण और चीन की एथलीट ने कांस्य पदक हासिल किया।
भारतीय दल के इन शानदार प्रदर्शनों की बदौलत देश ने एशियाई पैरा खेलों में पदकों का बड़ा आंकड़ा छू लिया है। समाचार लिखे जाने तक भारत के कुल 100 पदक पूरे हो चुके हैं, जिसमें 25 स्वर्ण, 32 रजत और 43 कांस्य पदक शामिल हैं। इस बेहतरीन उपलब्धि के साथ भारतीय दल पदक तालिका में चौथे पायदान पर पहुंच गया है।











