विदिशा, 23 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश में संचालित जन विश्वास अभियान के तहत उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने शुक्रवार को विदिशा स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या अग्रणी स्नातकोत्तर महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, छात्राओं को मिल रही सुविधाओं, उपलब्ध संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं और प्राचार्य से संवाद कर पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों की जानकारी भी ली।
छात्राओं के प्रयासों को सराहा
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बीडी अहिरवार ने अपर मुख्य सचिव को परिसर का भ्रमण कराया। इस दौरान अनुपम राजन ने वाणिज्य संकाय की छात्राओं द्वारा तैयार किए गए व्यावसायिक मॉडल, गृह विज्ञान की छात्राओं के पौष्टिक व्यंजनों और पुस्तकालय में लगाई गई पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का निरीक्षण कर अध्यापन तथा प्रायोगिक कार्यों की स्थिति देखी। प्राचार्य ने महाविद्यालय में संचालित शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और प्रयोगशालाओं के संचालन की जानकारी दी। कक्षाओं के नियमित और व्यवस्थित संचालन पर अपर मुख्य सचिव ने संतोष व्यक्त किया।
छात्रवृत्ति और पढ़ाई से जुड़ी समस्याएं जानीं
निरीक्षण के दौरान अनुपम राजन ने छात्राओं से सीधे बातचीत की। उन्होंने पढ़ाई, निजी कक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, छात्रवृत्ति योजनाओं और अध्ययन के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली। छात्राओं ने अपनी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं से उन्हें अवगत कराया। राजन ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना।
ताइक्वांडो और योग प्रशिक्षण का अवलोकन
अपर मुख्य सचिव ने महाविद्यालय के बहुउद्देशीय भवन और खेल विभाग में संचालित ताइक्वांडो तथा योग प्रशिक्षण गतिविधियों को भी देखा। इन गतिविधियों के जरिए छात्राओं के शारीरिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों के उपयोग और छात्राओं को शिक्षा के साथ खेल तथा शारीरिक प्रशिक्षण के अवसर देने की व्यवस्था की जानकारी ली।
पाठ्यक्रम और कार्यालयीन व्यवस्थाओं की समीक्षा
प्राचार्य डॉ. बीडी अहिरवार ने महाविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों, छात्रवृत्ति योजनाओं, उनकी प्रगति और कार्यालयीन व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि उनका बौद्धिक, शारीरिक और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।














