भोपाल, 23 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश सरकार से निवेश, रोजगार, चुनाव प्रक्रिया, शहरों के मास्टर प्लान और नगरीय निकायों में सरकारी खरीदी को लेकर जवाब मांगा। उन्होंने निवेश प्रस्तावों के वास्तविक क्रियान्वयन, युवाओं को रोजगार मिलने और शहरी नियोजन में आम नागरिकों की भागीदारी जैसे मुद्दों पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची पर उठाए सवाल
उमंग सिंघार ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले लोगों को भीड़ कहे जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराने और ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर सरकार से जवाब मांगा। साथ ही, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जरूरत बताई।
निवेश के साथ रोजगार का हिसाब मांगा
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में निवेश को लेकर की जा रही घोषणाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि कितने निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे और उनसे कितने रोजगार सृजित हुए। उन्होंने सेमीकंडक्टर हब से जुड़ी योजनाओं की प्रगति, परियोजनाओं के शुरू होने की संभावित समयसीमा और उनसे मिलने वाले रोजगार के अवसरों की जानकारी मांगी।
सिंघार ने रोजगार के लिए पंजीकृत 25 लाख से अधिक युवाओं का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने निवेश संबंधी दावों के साथ उनके वास्तविक परिणामों को सार्वजनिक करने की मांग की।
मास्टर प्लान में लोगों की राय शामिल करने की मांग
शहरों के मास्टर प्लान पर सिंघार ने कहा कि नगरीय नियोजन में किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों की राय को महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने दावे-आपत्तियां दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय देने और प्रभावित लोगों को अपनी बात रखने का अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका जताते हुए खुले मंच पर चर्चा कराने की बात कही, ताकि लोगों के सुझावों और आपत्तियों पर विचार किया जा सके।
सरकारी खरीदी में पारदर्शिता की मांग
नगरीय निकायों में सरकारी खरीदी को लेकर भी नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा सरकार के कार्यकाल में सरकारी खरीद प्रक्रिया में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री से इस पर जवाब मांगा। साथ ही, कथित अनियमितताओं की जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंघार ने निवेश, रोजगार, चुनाव प्रक्रिया और नगरीय निकायों के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर सरकार से योजनाओं की प्रगति और जवाबदेही के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की।














