इंदौर, 23 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 में प्रदेश को करीब 5,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय समिट का शुभारंभ करते हुए बताया कि इन प्रस्तावों से 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। समिट में एक हजार से अधिक प्रतिनिधि और जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान तथा स्वीडन के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए।
सेमीकंडक्टर और तकनीकी विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को देश का प्रमुख सेमीकंडक्टर और तकनीकी केंद्र बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। ढाई वर्ष में 25 से अधिक नीतियां बनाकर निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसर तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सहित विभिन्न प्रयासों से मिले करीब 34 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से 30 प्रतिशत से अधिक धरातल पर उतर चुके हैं।
समिट में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा की गई। इंदौर–उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, चिप डिजाइन और अन्य हाई-टेक उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
कंपनियों को भूमि आवंटन के आशय पत्र
पांच कंपनियों को औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन के आशय पत्र दिए गए। इन परियोजनाओं में 9,625 करोड़ रुपये के निवेश और 4,450 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार प्रस्तावित हैं। इसके अलावा इंदौर के इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स में सात कंपनियों को कार्यालयीन स्थान के आशय पत्र दिए गए, जिनसे 1,280 से अधिक रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं।
मुख्यमंत्री ने 12 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निवेश की संभावनाओं पर वन-टू-वन बैठकें भी कीं। उन्होंने निवेशकों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, त्वरित स्वीकृति और 24 घंटे सस्ती बिजली सहित आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
समिट में पांच संस्थानों के साथ कौशल विकास, चिप डिजाइन, अनुसंधान और निवेश प्रोत्साहन को लेकर समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। साथ ही, 57 प्रदर्शकों ने सेमीकंडक्टर तकनीक, अनुसंधान और नवाचार से जुड़े उत्पादों व परियोजनाओं का प्रदर्शन किया।














