ग्वालियर, 23 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश में खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने और टॉय क्लस्टर की स्थापना की संभावनाएं तलाशने के लिए शुक्रवार को टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय अग्रवाल के नेतृत्व में 50 उद्योगों का प्रतिनिधिमंडल ग्वालियर पहुंचा। यह पहल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2028 के तहत प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के प्रयासों का हिस्सा है।प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के अधिकारियों के साथ बैठक कर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि की उपलब्धता, औद्योगिक नीतियों, सब्सिडी और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके बाद प्रतिनिधियों ने मावई-मुरैना, मोहना-ग्वालियर और गुरावल-शिवपुरी औद्योगिक क्षेत्रों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध जमीन और सुविधाओं का जायजा लिया।
खिलौना कंपनियों के प्रतिनिधि भी हुए शामिल
यह दौरा एमपीआईडीसी की कार्यकारी संचालक अनीशा श्रीवास्तव की पहल पर आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि 7 से 9 अक्टूबर 2026 के दौरान दिल्ली में टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में सदस्यों को ग्वालियर आने का निमंत्रण दिया गया था।
प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय अग्रवाल, उपाध्यक्ष विपिन निझावन, महासचिव शरद कपूर और गवर्निंग बॉडी के सदस्य आशीष अग्रवाल सहित विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल रहे। प्लास्टिक, सॉफ्ट और इलेक्ट्रिक खिलौने बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
भूमि, नीतियों और सब्सिडी की जानकारी
होटल रेडिसन में आयोजित बैठक में मावई, मोहना और गुरावल के औद्योगिक क्षेत्रों के साथ बिलौआ स्थित प्लास्टिक पार्क की जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों को उपलब्ध भूमि, दरों, विकास शुल्क और खिलौना उद्योग से संबंधित औद्योगिक नीतियों व सब्सिडी के बारे में बताया गया। एमपीआईडीसी ने ग्वालियर क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सहायता देने की बात कही।
टॉय क्लस्टर से रोजगार बढ़ने की उम्मीद
बैठक में टॉय क्लस्टर के लिए उपयुक्त भूमि, खिलौना निर्माण इकाइयों की स्थापना और जरूरी सुविधाओं पर विचार-विमर्श हुआ। औद्योगिक क्षेत्रों के निरीक्षण के बाद निवेशकों के सवालों और शंकाओं का समाधान किया गया। भूमि आवंटन और सब्सिडी से जुड़े कुछ प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन भी दिया गया। क्लस्टर स्थापित होने से क्षेत्र में खिलौना उद्योग के विस्तार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।














