सीवान, 23 अक्टूबर।
बिहार के सीवान जिले के आलमपुर गांव में शुक्रवार शाम पटाखे बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट में करीब सात लोगों की मौत की आशंका है। हालांकि, पुलिस अधीक्षक भरत सोनी ने अब तक पांच शव बरामद होने की पुष्टि की है। मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव अभियान जारी है।
पुलिस के अनुसार, विस्फोट शाम करीब 5:30 बजे पटाखा कारोबारी अमीरुद्दीन के घर में हुआ। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घर के भीतर रोजाना की तरह पटाखे बनाए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक आग लग गई और पटाखों में लगातार विस्फोट होने लगे। धमाकों से मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
एक ही परिवार के लोगों के हताहत होने की आशंका
ग्रामीणों के अनुसार, मृतकों में एक ही परिवार के पांच लोग शामिल हो सकते हैं। इनमें पटाखा कारोबारी अमीरुद्दीन, उनकी तीन पोतियां और एक पोता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा दो मजदूरों के भी हताहत होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक केवल पांच शव मिलने की पुष्टि की है। मृतकों की वास्तविक संख्या की पुष्टि मलबे की पूरी तलाशी के बाद ही हो सकेगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोटों की आवाज से गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग घबराकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
राहत-बचाव अभियान जारी, इलाके की घेराबंदी
घटनास्थल पर पुलिस, अग्निशमन विभाग, मेडिकल टीम और बिजली विभाग के कर्मचारी पहुंचे हैं। फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम भी नमूने एकत्र कर जांच कर रही है। सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल की घेराबंदी की गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों से घटनास्थल से कम से कम 200 मीटर दूर रहने की अपील की है, क्योंकि वहां रुक-रुककर विस्फोट होने की सूचना है।
लाइसेंस और विस्फोटक सामग्री की होगी जांच
एसपी भरत सोनी के अनुसार, घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जाएगी। इसमें पता लगाया जाएगा कि पटाखे बनाने के लिए विस्फोटक सामग्री कहां से लाई जाती थी और संबंधित लोगों के पास वैध लाइसेंस था या नहीं।
ग्रामीणों का कहना है कि पटाखा निर्माण से जुड़े लोग पहले लाइसेंसधारी थे और करीब 20 वर्षों से इस कारोबार में लगे थे। हालांकि, लाइसेंस की वैधता और मौजूदा स्थिति का सत्यापन होना बाकी है। अधिकारियों को लाइसेंस और कारोबार से जुड़ी गतिविधियों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। सत्यापन में अनियमितता या लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन का ध्यान बचाव अभियान पूरा करने और संभावित पीड़ितों का पता लगाने पर है।














