कटनी, 23 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश के कटनी नगर निगम में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने नगर निगम की संपदा शाखा में पदस्थ लिपिक आलोक गर्ग को 20 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि लिपिक ने ट्रांसपोर्ट नगर में निर्माण के लिए बैंक ऋण लेने वाले एक ट्रांसपोर्टर से एनओसी जारी करने के बदले 25 हजार रुपये मांगे थे।
बैंक ऋण के लिए एनओसी की थी जरूरत
लोकायुक्त की उप पुलिस अधीक्षक रेखा प्रजापति से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्टर अशोक कनकने को ट्रांसपोर्ट नगर के पुरैनी क्षेत्र में प्लॉट नंबर 137 आवंटित है। यहां निर्माण कराने के लिए उन्होंने बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया शुरू की थी। बैंक ने ऋण स्वीकृत करने के लिए नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा था।
इसी सिलसिले में अशोक कनकने नगर निगम की संपदा शाखा में लिपिक आलोक गर्ग के पास पहुंचे। आरोप है कि एनओसी जारी करने के बदले उनसे 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई।
शिकायत के बाद लोकायुक्त ने बिछाया जाल
रिश्वत की कथित मांग से परेशान होकर ट्रांसपोर्टर ने लोकायुक्त जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले का सत्यापन किया। आरोप की पुष्टि होने पर लोकायुक्त पुलिस ने लिपिक को पकड़ने की योजना बनाई।
शुक्रवार को शिकायतकर्ता जैसे ही लिपिक को 20 हजार रुपये देने पहुंचा, लोकायुक्त टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को सिविल लाइन स्थित रेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम कार्यालय में मचा हड़कंप
एनओसी जैसे जरूरी दस्तावेज के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में हुई इस कार्रवाई से नगर निगम कार्यालय में हलचल मच गई। लोकायुक्त की टीम मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।














