जयपुर, 23 अक्टूबर।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में लिव-इन पार्टनर मोना जाटव (35) की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपित युवराज सिंह उर्फ युगराज सिंह उर्फ दीपक (27) को गिरफ्तार किया है। उसे गुरुवार देर रात भरतपुर के बी. नारायण गेट क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपित ने मोना के किसी अन्य व्यक्ति से प्रेम संबंध होने के शक में हत्या करने की बात स्वीकार की है।
फ्लैट में मिला था महिला का शव
डीसीपी दक्षिण राजर्षिराज वर्मा ने बताया कि युवराज सिंह भरतपुर के चिकसाना क्षेत्र का निवासी है। वह करीब एक साल से रामपुरा स्थित आमोर रेजिडेंसी में मोना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। दोनों मिलकर वहां टिफिन सेंटर भी चलाते थे।
पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर की देर रात आरोपित ने किसी भारी वस्तु से वार कर मोना की हत्या कर दी। इसके बाद 19 अक्टूबर की सुबह करीब 6:30 बजे फ्लैट में शव छोड़कर फरार हो गया। उसी दिन आमोर रेजिडेंसी के फ्लैट नंबर 901 में महिला का शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतका की पहचान भरतपुर के नगला परशुराम निवासी मोना जाटव के रूप में हुई।
मोना के भाई पारुल सिंह ने पत्रकार कॉलोनी थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने युवराज सिंह पर हत्या का संदेह जताया था।
मोबाइल बंद कर बदलता रहा ठिकाने
मामले की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ललित कुमार शर्मा के निर्देशन, मानसरोवर एसीपी हेमेंद्र शर्मा के पर्यवेक्षण और पत्रकार कॉलोनी थानाधिकारी कविता यादव के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने आमोर रेजिडेंसी और आसपास की सोसायटियों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा आरोपित के संभावित भागने के रास्तों की पड़ताल की।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपित ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया था और लगातार ठिकाने बदल रहा था। वह बसों से कभी दिल्ली, कभी आगरा तो कभी भरतपुर जा रहा था। पुलिस का कहना है कि वह दिल्ली भागने की कोशिश में था। तकनीकी जानकारी और लगातार तलाश के बाद उसे भरतपुर से गिरफ्तार कर लिया गया।
शक के चलते विवाद होने की बात
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि मोना के किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत करने को लेकर आरोपित को शक था। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ और आरोप है कि इसके बाद उसने मोना की हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मोना की शादी वर्ष 2015 में हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। पति से अनबन के बाद वह अलग रहने लगी थी। इसी दौरान उसका संपर्क युवराज सिंह से हुआ और वह उसके साथ आमोर रेजिडेंसी में रहने लगी।














