कीव, 24 अक्टूबर।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच खेरसॉन क्षेत्र के अग्रिम मोर्चे पर बसे अल्योश्की शहर में फंसे नागरिकों को राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है। क्रेमलिन के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पत्नी मेलानिया ट्रम्प की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी है। इसका मकसद प्रभावित लोगों तक भोजन, स्वच्छ पानी और दवाएं पहुंचाना तथा उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाना है।
व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को इस समझौते की घोषणा की। बताया गया है कि दोनों पक्ष 29 अक्टूबर से शहर में सैन्य अभियान रोकने पर सहमत हुए हैं। हालांकि, युद्धविराम किस समय लागू होगा और जमीन पर इसे किस तरह अमल में लाया जाएगा, इस पर सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत जारी है।
अल्योश्की में करीब 1,500 से 2,000 नागरिकों के फंसे होने की जानकारी है। इनमें ज्यादातर बुजुर्ग बताए जा रहे हैं। शहर में भोजन, पानी, दवाओं और अन्य जरूरी सामान की कमी बनी हुई है। ड्रोन हमलों और दूर से बिछाई गई बारूदी सुरंगों के खतरे के चलते राहत पहुंचाना और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में युद्धविराम से मानवीय सहायता अभियान शुरू होने की उम्मीद है।
मेलानिया ट्रम्प ने वहां के हालात को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह अग्रिम मोर्चे पर स्थित युद्धग्रस्त इलाका तबाही के कगार पर है। उन्होंने बताया कि शहर में मौजूद लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता, दवाओं, भोजन और साफ पानी की जरूरत है। रूस और यूक्रेन के नागरिक प्रतिनिधि प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं का आकलन करेंगे। इसके बाद लोगों की इच्छा के अनुसार उन्हें रूस या यूक्रेन में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में सहायता दी जाएगी।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि सैन्य अधिकारी युद्धविराम के समय और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उन्होंने इस मानवीय पहल में मेलानिया ट्रम्प की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। पेस्कोव ने रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रतोवा और यूक्रेन के मानवाधिकार आयुक्त दिमित्री लुबिनेट्स के समन्वय प्रयासों की भी सराहना की।
रूस ने कीव पर मानवीय संकट बढ़ाने और राहत पहुंचाने वाले रास्तों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। रूसी विदेश मंत्रालय के दूत रोडियन मिरोशनिक ने पहले शहर की स्थिति को आधुनिक तरीकों से की गई मध्ययुगीन घेराबंदी जैसा बताया था। उन्होंने यूक्रेनी सेना पर स्थानीय लोगों को शहर से बाहर जाने से रोकने का आरोप भी लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और इस मामले में यूक्रेन की प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं है।
क्रेमलिन के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच इस महीने की शुरुआत में फोन पर बातचीत हुई थी। इसमें अल्योश्की के मानवीय संकट पर चर्चा की गई थी। दोनों नेताओं ने कथित तौर पर सहमति जताई थी कि रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रतोवा, मेलानिया ट्रम्प के कार्यालय के संपर्क में रहेंगी।
अब सबकी नजर प्रस्तावित युद्धविराम के क्रियान्वयन पर है। समझौता प्रभावी रूप से लागू होने पर लंबे समय से जरूरी सुविधाओं की कमी झेल रहे नागरिकों तक राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर निकालने में मदद मिल सकती है।













