वॉशिंगटन, 24 अक्टूबर।
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के डीजल की कीमतों से जुड़े बयानों को पूरी तरह झूठा बताते हुए उनकी आलोचना की है। ज़ेलेंस्की का आरोप है कि अमेरिका में ईंधन महंगा होने के लिए यूक्रेन के रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों को जिम्मेदार ठहराकर ट्रम्प वास्तविक कारणों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ईरान से जुड़े संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात बाधित होने को वैश्विक ऊर्जा संकट की प्रमुख वजह बताया।
रूस के ऊर्जा ठिकानों पर यूक्रेनी हमलों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की आपूर्ति को लेकर वॉशिंगटन तथा कीव के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं। इसी बीच ज़ेलेंस्की ने एक साक्षात्कार में अमेरिकी राष्ट्रपति के आरोपों पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि रूसी डीजल के निर्यात का अमेरिका में ईंधन की कीमतों पर सीधा असर सीमित है। ज़ेलेंस्की ने यह भी पूछा कि यदि ट्रम्प ऊर्जा की कीमतों को लेकर इतने चिंतित हैं, तो अमेरिकी कंपनियां दूसरे देशों को ऊर्जा का निर्यात क्यों कर रही हैं। उनके अनुसार, निजी कंपनियों के ऊर्जा निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का मुद्दा भी इस बहस का हिस्सा होना चाहिए।
ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया कि ट्रम्प ईरान से जुड़े संकट से लोगों का ध्यान हटाने के लिए यूक्रेन को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर समस्या का दोष यूक्रेन पर डाल दिया जाता है और देश के राष्ट्रपति होने के नाते उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी निशाना बनाया जाता है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने होर्मुज जलडमरूमध्य को मौजूदा ऊर्जा संकट का प्रमुख केंद्र बताया। यह समुद्री मार्ग दुनिया भर में तेल की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। यहां जहाजों की आवाजाही और तेल के निर्यात में रुकावट आने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।
ट्रम्प लगातार यूक्रेन से रूसी तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे हमलों से वैश्विक ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और कीमतें बढ़ सकती हैं। उन्होंने ज़ेलेंस्की पर ऊर्जा बाजार की समस्याएं बढ़ाने का आरोप लगाया है। ट्रम्प ने यह भी कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तुलना में ज़ेलेंस्की से बातचीत करना अधिक कठिन रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि यूक्रेन को ऐसा नेतृत्व चाहिए, जो अमेरिका की मध्यस्थता की कोशिशों में बाधा न बने।
वैश्विक ईंधन संकट कम करने के प्रयासों के तहत वॉशिंगटन ने रूसी डीजल निर्यात पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी छूट दी थी। ज़ेलेंस्की ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे कमजोर कदम बताया।
दूसरी ओर, रूस ने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डीजल की आपूर्ति बढ़ाने पर सहमति जताई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मॉस्को ने तत्काल तीन लाख टन से अधिक डीजल भेजने और नवंबर में पांच लाख टन अतिरिक्त आपूर्ति करने की योजना बताई है। इसके बाद भी आपूर्ति बढ़ाने की संभावना है, जिसका फैसला रिफाइनरियों की उत्पादन क्षमता के आधार पर होगा।
रूस का दावा है कि उसके ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर यूक्रेन के लगातार हमलों से ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। कीव का कहना है कि रूसी ठिकानों पर हमले युद्ध के दौरान उसकी सैन्य रणनीति का हिस्सा हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी ज़ेलेंस्की पर वैश्विक डीजल संकट कम करने की कोशिशों में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतें ट्रम्प प्रशासन के लिए घरेलू स्तर पर बड़ी चुनौती बन गई हैं। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, सितंबर में कुछ अमेरिकी बाजारों में डीजल की कीमत 6.50 डॉलर प्रति गैलन से अधिक हो गई थी। कैलिफोर्निया के कुछ इलाकों में यह दर आठ डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई।
तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की महंगाई अमेरिकी प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बढ़ा सकती है। इस बीच, यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर हमले तेज किए हैं। रूस ने इन कार्रवाइयों को आतंकवादी हमला बताते हुए यूक्रेन के सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं।













