नई दिल्ली, 24 अक्टूबर।
उत्तर रेलवे ने ट्रेनों के सुरक्षित और भरोसेमंद संचालन को बेहतर बनाने के लिए ट्रैक्शन पावर कंट्रोलरों के प्रशिक्षण की पहल शुरू की है। इस कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों की तकनीकी जानकारी, परिचालन दक्षता और सुरक्षा संबंधी क्षमताओं को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत पहला तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र 12 से 14 अक्टूबर तक पूरा हुआ। नवंबर के अंत तक छह चरणों में रेलवे के सभी छह मंडलों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पहले चरण में जम्मू, फिरोजपुर, अंबाला, दिल्ली, मुरादाबाद और लखनऊ मंडलों के 14 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण गाजियाबाद स्थित विद्युत प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया। शुरुआती दिन कर्मचारियों को ट्रैक्शन पावर कंट्रोलर की जिम्मेदारियों, निगरानी एवं नियंत्रण प्रणाली, ट्रैक्शन सब-स्टेशन की सुरक्षा और क्षेत्रीय कर्मचारियों के साथ तालमेल से काम करने की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान दिल्ली मंडल के निगरानी एवं नियंत्रण केंद्रों और चाणक्यपुरी स्थित 25 केवी ट्रैक्शन सब-स्टेशन का भ्रमण भी कराया गया। ट्रैक्शन पावर कंट्रोलर रेल बिजली व्यवस्था में 25 केवी विद्युत आपूर्ति की निगरानी और नियंत्रण करते हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर स्थिति संभालने तथा परिचालन नियंत्रण केंद्र और क्षेत्रीय कर्मचारियों के बीच समन्वय बनाए रखने में भी उनकी अहम भूमिका होती है।
इसी जरूरत को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण में कक्षा शिक्षण, कृत्रिम परिस्थितियों पर आधारित व्यावहारिक अभ्यास और मौके पर प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई। दूसरे दिन कर्मचारियों ने सिम्युलेटर की मदद से सामान्य परिचालन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास किया।
तीसरे दिन चाणक्यपुरी स्थित ट्रैक्शन सब-स्टेशन में उपकरणों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों के ज्ञान का आकलन किया गया, उनसे सुझाव लिए गए और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
उत्तर रेलवे के अनुसार, इस कार्यक्रम से कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने, विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और बिजली से चलने वाली ट्रेनों का सुरक्षित एवं विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।














