नागोया, 24 अक्टूबर।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित पैरा एशियाई खेलों में भारतीय एथलीटों ने अदम्य साहस और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय देते हुए इतिहास रच दिया है। प्रतियोगिता के अंतिम दिन शुक्रवार को भारतीय दल ने नौ स्वर्ण पदक जीतकर अपने अभियान का शानदार अंत किया। इसके साथ ही भारत ने इन खेलों में कुल 114 पदक अपने नाम किए, जिसमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं। यह देश का इन खेलों के इतिहास में अब तक का सर्वश्रेठ प्रदर्शन है।
इससे पहले हांगझोऊ में साल 2023 हुए पिछले पैरा एशियाई खेलों में भारत ने कुल 111 पदक जीते थे। इस बार भारतीय दल में पिछले संस्करण की तुलना में काफी कम यानी 168 खिलाड़ी ही शामिल थे, इसके बावजूद पदकों की संख्या के मामले में खिलाड़ियों ने नया कीर्तिमान स्थापित किया। पदकों की इस शानदार तालिका के साथ भारतीय दल पदक सूची में चौथे स्थान पर काबिज रहा।
एथलेटिक्स के मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों ने सबसे अधिक 65 पदक झटके। आखिरी दिन स्टार जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने पुरुषों की संयुक्त स्पर्धा में 72.46 मीटर दूर भाला फेंककर अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा। इस स्पर्धा में महेंद्र गुर्जर ने रजत और संदीप संजय सरगर ने कांस्य जीतकर क्लीन स्वीप किया। इसके अलावा प्रणव सूरमा, संदीप और हनेय ने भी अपने-अपने इवेंट्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक और नए विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए।
पैरा बैडमिंटन कोर्ट पर भी भारत का दबदबा कायम रहा, जहां खिलाड़ियों ने तीन स्वर्ण पदक जीते। पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने पुरुष एकल में हमवतन प्रमोद भगत को शिकस्त देकर सोना जीता। वहीं नवीन शिवकुमार और महिला युगल जोड़ी थुलासिमथि-मानसी जोशी ने भी स्वर्ण अपने नाम किए। इसके अलावा मोना अग्रवाल ने पैरा निशानेबाजी में विश्व रिकॉर्ड के साथ दो स्वर्ण पदक देश की झोली में डाले।
तीरंदाजी स्पर्धा में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की पुरुष जोड़ी ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, जबकि महिला युगल में रजत पदक हासिल हुआ। इसके अलावा तैराकी में हिमांशु नांदल और रवि बुडिगिना तथा पैरा टेबल टेनिस में जेहान दोराब मदान और शुभम वाधवा की जोड़ी ने भी पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।











