गुवाहाटी, 24 अक्टूबर।
असम सरकार ने राज्य में करीब पांच लाख बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को स्पष्ट किया कि वन क्षेत्रों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए सरकार सख्त कदम उठाती रहेगी और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी में बताया कि पिछले कार्यकाल में उनकी सरकार ने अवैध कब्जों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया था। अब नए कार्यकाल में भी इस कार्रवाई को आगे बढ़ाने और बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की योजना है।
उन्होंने वन विभाग को जंगलों की जमीन पर अवैध कब्जे, गैरकानूनी खनन और अतिक्रमण के अन्य मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने के लिए उपग्रह निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम की वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन को सतर्क रहना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जिम्मेदारी के निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।














