सतना, 24 अक्टूबर।
कार्यक्रम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने क्षेत्र में रेल संपर्क बढ़ाने और यात्रियों की सुविधाओं के विस्तार को विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
नागौद और चुरहट में आयोजित कार्यक्रमों में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सतना सांसद गणेश सिंह, रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा, खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और नागौद विधायक नागेंद्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी मौजूद रहे।
विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को मिलेगी सुविधा
देवेंद्रनगर-चुरहट मेमू ट्रेन सेवा शुरू होने से पन्ना, सतना, रीवा और सीधी जिलों के यात्रियों को आवागमन का सस्ता और सुलभ विकल्प मिलने की उम्मीद है। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और मरीजों को इससे विशेष सुविधा मिल सकती है।
नई रेल सेवा से क्षेत्र के सीमेंट संयंत्रों और चूना पत्थर उद्योग के माल परिवहन को भी गति मिलने की संभावना है। इसके अलावा मुकुंदपुर स्थित व्हाइट टाइगर सफारी सहित अन्य पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। ट्रेन सेवा शुरू होने पर स्थानीय लोगों ने पटाखे फोड़कर और मिठाइयां बांटकर खुशी जताई।
बस के मुकाबले कम हो सकता है यात्रा खर्च
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अनारक्षित श्रेणी में न्यूनतम किराया 10 से 15 रुपये के बीच रहने का अनुमान है। देवेंद्रनगर से चुरहट तक करीब 166 किलोमीटर की यात्रा का किराया 35 से 45 रुपये के आसपास बताया गया है। इसके मुकाबले बस से इतनी दूरी तय करने में लगभग 150 से 250 रुपये खर्च होने का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक किराये की पुष्टि रेलवे की आधिकारिक किराया सूची से की जानी चाहिए।
उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने जताया विरोध
नई मेमू ट्रेन सेवा के शुभारंभ के बीच निमंत्रण पत्र में स्थानीय विधायकों के नाम शामिल नहीं होने को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता मुख्तार अहमद सिद्दीकी ने नागौद विधायक नागेंद्र सिंह, सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ‘डब्बू’ और चुरहट विधायक अजय सिंह ‘राहुल’ के नाम आधिकारिक सूची में नहीं होने पर आपत्ति जताई।
सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा नेता भले ही रेल सेवा का श्रेय ले रहे हों, लेकिन विंध्य की जनता जानती है कि ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन की नींव कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में रखी गई थी। उन्होंने परियोजना को स्वीकृति दिलाने में पूर्व मुख्यमंत्री कुंवर अर्जुन सिंह के योगदान का भी उल्लेख किया।
कांग्रेस नेता ने स्थानीय विधायकों को उद्घाटन कार्यक्रम से दूर रखने को ओछी राजनीति और प्रशासनिक हठधर्मिता का प्रतीक बताया। इस तरह नई ट्रेन सेवा शुरू होने से रेल सुविधाओं के विस्तार की उम्मीदों के बीच राजनीतिक विवाद भी चर्चा में रहा।














