भोपाल, 24 अक्टूबर।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश को 221 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। इस राशि का उपयोग प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए किया जाएगा।
देश में तीसरी सबसे बड़ी सहायता
राज्य को मिली यह राशि देशभर के राज्यों को स्वीकृत वित्तीय सहायता में तीसरे स्थान पर है। इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों और निरंतर सुधार का परिणाम माना जा रहा है।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य और टीबी सेवाओं पर जोर
स्वीकृत राशि से अस्पतालों और अन्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, पोषण और क्षयरोग (टीबी) से जुड़ी सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को अधिक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा उन्नयन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मध्यप्रदेश ने केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों पर मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन किया है। इन्हीं उपलब्धियों के आधार पर प्रदेश को यह प्रोत्साहन राशि मिली है।
इस वित्तीय सहायता से स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाओं के विस्तार, सेवा प्रदायगी में सुधार और राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप संस्थागत उन्नयन को गति मिलने की उम्मीद है।














