रायगढ़, 24 अक्टूबर।
छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत रायगढ़ जिले के दूरस्थ इलाकों में रहने वाले बिरहोर और पहाड़ी कोरवा परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिले के तमनार, घरघोड़ा, लैलूंगा, धरमजयगढ़ और खरसिया विकासखंडों की 52 ग्राम पंचायतों की 53 जनजातीय बसाहटों के 961 परिवार इस अभियान के दायरे में हैं। इनके लिए आवास, पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका संबंधी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार, 173 आवासों के लक्ष्य के मुकाबले 170 पक्के मकान बन चुके हैं। इसके अलावा 327 पाइप आधारित और सामुदायिक पेयजल कार्य तथा तीन आंगनबाड़ी संबंधी कार्य पूरे किए गए हैं। बिजली पहुंचाने के लिए 28 ग्रिड आधारित और 27 सौर ऊर्जा आधारित घरेलू विद्युतीकरण कार्य भी पूर्ण हो चुके हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत पांच चलित चिकित्सा इकाइयों से जुड़े कार्य और दो बहुउद्देशीय केंद्रों का निर्माण पूरा किया गया है। इन केंद्रों में स्वास्थ्य जागरूकता, सामुदायिक बैठकों और शासकीय योजनाओं की जानकारी देने की सुविधा है।
अभियान के अंतर्गत पात्र परिवारों को आधार, जनधन खाते, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, वन अधिकार पट्टे और किसान योजनाओं सहित अन्य सरकारी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।














