जगदलपुर, 24 अक्टूबर।
बस्तर दशहरा के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर के लालबाग मैदान में तैयार की गई विशाल रंगोली को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से प्रमाणित किया गया है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग ने 15 से अधिक प्रकार के वनोपज और अनाज का उपयोग कर 20,700 वर्गफीट क्षेत्र में यह कलाकृति बनाई थी।
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान इस रंगोली के माध्यम से नक्सलवाद के खात्मे के बाद बदलते बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत की गई। इसमें क्षेत्र की जनजातीय विरासत, सांस्कृतिक परंपराओं, प्राकृतिक संपदा और विकास यात्रा को दर्शाया गया। इसकी विशेषता यह रही कि रंगों के लिए वनवासियों द्वारा एकत्र किए गए विभिन्न वनोपज का इस्तेमाल किया गया।
इस कलाकृति में बस्तर के जंगलों, वनवासी जीवन, जनजातीय संस्कृति और राष्ट्रपति के सम्मानित स्वरूप को उकेरा गया। विशाल रंगोली स्थानीय समुदायों की रचनात्मकता, प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान की अनूठी अभिव्यक्ति बनी।
वनोपज बस्तर के जनजातीय समुदायों की आजीविका, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस प्रस्तुति के जरिए स्थानीय संसाधनों के सतत उपयोग, पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और वनोपज आधारित रोजगार को बढ़ावा देने की संभावनाओं को भी रेखांकित किया गया। रंगोली ने बस्तर की समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को विशेष पहचान दिलाई।














