जबलपुर, 24 अक्टूबर।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महाकौशल प्रांत के युवा स्वयंसेवकों का पथ संचलन शनिवार को जबलपुर में संपन्न हुआ। श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित शिविर के तीसरे दिन निकले इस संचलन में 34 जिलों के 3,185 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। अनुशासित कदमताल और एकरूपता के साथ स्वयंसेवकों ने सामूहिकता और संगठनात्मक एकजुटता का परिचय दिया।
संघ का शिविर 22 अक्टूबर की शाम शुरू हुआ था और इसका औपचारिक उद्घाटन 23 अक्टूबर को किया गया। इसमें 16 से 32 वर्ष आयु वर्ग के युवा स्वयंसेवक शामिल हुए हैं। शिविर की व्यवस्थाओं और अन्य जिम्मेदारियों के लिए करीब 500 प्रबंधक भी तैनात हैं।
श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज से निकला पथ संचलन
शनिवार को दोपहर बाद 3:30 बजे पथ संचलन श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज से शुरू हुआ और केशरवानी कॉलेज पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में स्वयंसेवकों ने समान गति, अनुशासन और कदमताल के साथ शारीरिक दक्षता तथा सामूहिक प्रयास का प्रदर्शन किया।
संचलन देखने के लिए बनाए गए 20 मंच
पथ संचलन के अवलोकन के लिए मार्ग पर 20 मंच बनाए गए थे। इनमें समाज के विभिन्न वर्गों, जाति-बिरादरी, अलग-अलग भाषा-भाषी समुदायों और कृषक वर्ग के प्रतिनिधियों सहित विशिष्ट नागरिकों को आमंत्रित किया गया था।
बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी संचलन देखने पहुंचे। कई दर्शकों ने पहली बार इस तरह का आयोजन देखा। उन्होंने स्वयंसेवकों की कदमताल, अनुशासन, एकरूपता और सामूहिक प्रयास की सराहना की।
25 अक्टूबर को डॉ. मोहन भागवत देंगे मार्गदर्शन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जबलपुर पहुंच चुके हैं। वे 25 अक्टूबर को शिविर में शामिल होंगे और दो सत्रों में युवा स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन देंगे।
शिविर का समापन 25 अक्टूबर को सायंकाल प्रात्यक्षिक कार्यक्रम के बाद होगा। महाकौशल प्रांत के विभिन्न जिलों से आए युवाओं का यह एकत्रीकरण अनुशासन, संगठनात्मक क्षमता, शारीरिक दक्षता और राष्ट्रसेवा के संकल्प को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।














