बैतूल, 24 अक्टूबर।
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में बैंक खातों और सावधि जमा (एफडी) से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि खाताधारकों को दस्तावेजों में मृत दर्शाकर उनकी जमा पूंजी निकाल ली गई। पुलिस ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा के सहायक प्रबंधक लोकेश गोखे सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मामले में 15 वर्षीय नाबालिग की भूमिका भी सामने आई है।
नाबालिग पर साजिश रचने का आरोप
पुलिस के अनुसार, नाबालिग बैंक शाखा के पास ऑनलाइन कियोस्क सेंटर चलाता था। नियमित आवाजाही के दौरान उसने अधिक राशि जमा करने वाले खाताधारकों की जानकारी जुटाई। आरोप है कि उसने बैंक के सहायक प्रबंधक को अपने साथ मिलाकर धोखाधड़ी की योजना बनाई।
जांच में सामने आया कि बैंक अधिकारी की आईडी का कथित इस्तेमाल कर खाताधारकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर बदले गए। इसके बाद नेट बैंकिंग के माध्यम से रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित की गई और एफडी भी तुड़वाई गईं। जनवरी 2026 से अब तक करीब 10 बार मोबाइल नंबर बदलने की जानकारी सामने आई है।
टैक्सी चालक के खाते में मिले सवा करोड़ रुपये
गिरफ्तार आरोपितों में गौरव सूर्यवंशी भी शामिल है, जो टैक्सी चलाता है। पुलिस के मुताबिक, वह नाबालिग का दोस्त है और उसी गांव में रहता है। आरोप है कि नाबालिग ने ही उसकी मुलाकात बैंक अधिकारी से कराई थी। जांच के दौरान गौरव के बैंक खाते में कथित घोटाले से संबंधित करीब सवा करोड़ रुपये मिलने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने उसका खाता फ्रीज करा दिया है।
शिकायत करने पर वापस जमा कर देते थे रकम
पुलिस के अनुसार, जब कोई खाताधारक खाते से रकम कटने की शिकायत लेकर बैंक पहुंचता था, तो उसके खाते में राशि दोबारा जमा कर दी जाती थी। आरोपितों का कथित उद्देश्य इस तरीके से खाताधारकों का संदेह दूर करना और शिकायत पुलिस तक पहुंचने से रोकना था।
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि अब तक छह खाताधारकों ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस धोखाधड़ी से कुल कितने लोग प्रभावित हुए हैं।
सेवानिवृत्त शिक्षक की शिकायत से खुला मामला
एसपी के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षक गेंदाराम सोनी ने 21 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बैंक खाते से बिना अनुमति सात लाख रुपये दूसरे खाते में स्थानांतरित कर दिए गए। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें अन्य खातों में भी गड़बड़ी सामने आई।
जांच में ज्योति रघुवंशी के खाते से 4.86 लाख रुपये, फूलवंती के खाते से 2.74 लाख रुपये, इंद्रेश रघुवंशी के खाते से 1.85 लाख रुपये, भोजराज सोनी के खाते से 5.50 लाख रुपये और रागिनी साहू के खाते से 1.55 लाख रुपये की कथित हेराफेरी की जानकारी मिली है।
22.33 लाख रुपये की संपत्ति जब्त
बोरदेही पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर छह मोबाइल फोन, 8.28 लाख रुपये मूल्य का सोना, 1.40 लाख रुपये की चांदी और करीब 12 लाख रुपये कीमत की एक कार जब्त की है। पुलिस के अनुसार, जब्त संपत्ति का कुल मूल्य 22.33 लाख रुपये है।
जांच में यह भी सामने आया कि गड़बड़ी उजागर होने के बाद बैंक प्रबंधन ने सहायक प्रबंधक लोकेश गोखे को निलंबित कर दिया था। पुलिस अब कथित धोखाधड़ी की पूरी रकम, अन्य बैंक खातों में हुए लेनदेन और मामले में दूसरे लोगों की संभावित भूमिका की जांच कर रही है।














