वेटिकन सिटी/सना, 26 अक्टूबर।
यमन ने ताइज शहर में गंभीर होते मानवीय संकट पर पोप लियो चतुर्दश की चिंता का समर्थन किया है। यमन सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हूती लड़ाकों पर प्रभावी दबाव बनाने की अपील की है, ताकि शहर की घेराबंदी समाप्त हो, नागरिकों पर हमले रुकें और जरूरतमंदों तक मानवीय सहायता बिना बाधा पहुंच सके।
यमन के विदेश और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने सोमवार को सामाजिक माध्यम पर जारी संदेश में पोप की अपील का स्वागत किया। मंत्रालय ने यमन के लोगों की पीड़ा के प्रति उनकी संवेदना और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के आह्वान की सराहना की। यमन ने ताइज में घेराबंदी खत्म करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस कार्रवाई की मांग की।
पोप लियो ने रविवार को एंजेलस प्रार्थना के बाद दिए गए संबोधन में यमन में जारी संघर्ष समाप्त करने की अपील की थी। उन्होंने ताइज के हालात पर विशेष चिंता जताते हुए कहा कि वहां के लोग भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने संघर्षरत पक्षों से लड़ाई रोकने और यमन सहित पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए शांतिपूर्ण जीवन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
ताइज में संघर्ष और रास्ते बंद होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है। आम लोगों को पानी, भोजन और ईंधन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने तत्काल मानवीय सहायता पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया है। अस्पतालों में दवाइयों और ऑक्सीजन का भंडार घटने से जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखना मुश्किल हो रहा है। इसका असर जरूरतमंद परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने वाली सामुदायिक रसोइयों पर भी पड़ रहा है।
पोप लियो ने जॉर्डन के हरमौद स्थित सेंट जॉर्ज ऑर्थोडॉक्स चर्च में शुक्रवार को हुए हमले के पीड़ितों के लिए भी प्रार्थना की। उन्होंने प्रभावित समुदाय और जॉर्डन के लोगों के प्रति समर्थन जताते हुए विभिन्न धर्मों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान के महत्व पर जोर दिया।
23 अक्टूबर को जॉर्डन के करक प्रांत में एक चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान बंदूकधारियों ने गोलीबारी की थी। इस घटना में नौ लोगों की मौत हुई और करीब 40 लोग घायल हो गए थे।













