वाराणसी, 26 अक्टूबर।
धार्मिक नगरी वाराणसी में शरद पूर्णिमा पर सोमवार सुबह गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों लोगों ने पवित्र गंगा में स्नान किया और दान-पुण्य कर पूजा-अर्चना की। भोर से ही श्रद्धालुओं का घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया था।
दशाश्वमेध, शीतला, पंचगंगा और सामने घाट पर स्नान करने वालों की बड़ी संख्या रही। गंगा में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों को दान दिया और आसपास के मंदिरों में जाकर दर्शन-पूजन किया। घाटों पर हर-हर महादेव और हर-हर गंगे के जयकारे गूंजते रहे।
पंचांग के अनुसार, अश्विन पूर्णिमा की तिथि रविवार, 25 अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजकर 55 मिनट पर शुरू हुई थी। यह सोमवार, 26 अक्टूबर को पूर्वाह्न 9 बजकर 41 मिनट तक रही।
दशाश्वमेध घाट के तीर्थ पुरोहित विनय चौबे के अनुसार, चंद्रमा का उदय कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा तिथि में होने के कारण अश्विन पूर्णिमा का व्रत रविवार, 25 अक्टूबर को रखा गया था। प्रदोष काल में माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा करने के बाद श्रद्धालुओं ने सोमवार को उदय तिथि के अनुसार गंगा स्नान किया।














