नई दिल्ली, 26 अक्टूबर।
इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए-आयुष) की ओर से भगवान धन्वंतरि जयंती का 40वां समारोह एक नवंबर को नई दिल्ली के एनडीएमसी सभागार में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही करेंगे। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक डॉ. पीके प्रजापति करेंगे।
संस्था के प्रवक्ता और विधि समिति के अध्यक्ष डॉ. रामफल पांचाल ने सोमवार को बताया कि समारोह में आयुर्वेद और भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के विकास तथा प्रचार-प्रसार के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चिकित्सकों, शिक्षाविदों और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
इस वर्ष धन्वंतरि पुरस्कार से दिल्ली के आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बिया कॉलेज के पूर्व प्राचार्य और दिल्ली विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संकाय के पूर्व अधिष्ठाता डॉ. केके सिजोरिया तथा डाबर इंडिया लिमिटेड के निदेशक डॉ. दुर्गा प्रसाद को सम्मानित किया जाएगा। आयुर्वेद चिकित्सा में उत्कृष्ट कार्य के लिए सुश्रुत और चरक पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त संस्था के कार्यों में विशेष योगदान देने वालों को डॉ. जेएस पंवार स्मृति पुरस्कार और डॉ. हरिशंकर देव शर्मा स्मृति पुरस्कार दिए जाएंगे। चिकित्सा के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करने की परंपरा के तहत इस बार सुश्री सर्जना शर्मा को विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा।
डॉ. पांचाल ने बताया कि आईएमए-आयुष पिछले 40 वर्षों से भगवान धन्वंतरि जयंती का आयोजन कर रही है। संस्था आयुर्वेद और अन्य भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के विकास तथा संवर्धन के साथ इन पद्धतियों के स्नातकों के हितों के लिए भी काम करती है। भारतीय चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए संस्था भारत सरकार के साथ विभिन्न विषयों पर सहयोग करती रही है।
उन्होंने कहा कि देश में आयुष मंत्रालय और दिल्ली में भारतीय चिकित्सा पद्धति के लिए अलग निदेशालय की स्थापना इस क्षेत्र के संस्थागत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। गैर-सरकारी संगठन के रूप में संस्था चिकित्सा संबंधी गतिविधियों के अलावा सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यों में भी सक्रिय है। कोरोना महामारी के दौरान इसके चिकित्सकों ने कठिन परिस्थितियों में भी जनसेवा की।
संस्था हर वर्ष देश के विभिन्न राज्यों के आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रथम स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत करती है। इसका उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना और भारतीय चिकित्सा पद्धतियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है।
डॉ. पांचाल ने उम्मीद जताई कि 40वां धन्वंतरि जयंती समारोह आयुर्वेद, भारतीय चिकित्सा पद्धतियों, चिकित्सा शिक्षा और जनसेवा से जुड़े लोगों को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा। इससे युवा चिकित्सकों और विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने की प्रेरणा भी मिलेगी।
समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग के नैतिकता एवं पंजीकरण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुश्रुत कन्नौजिया, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक और पत्रकारों के राष्ट्रीय संगठन के अध्यक्ष राकेश थपलियाल को आमंत्रित किया गया है।













