प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सम्मेलन का उद्घाटन 27 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे होगा। इसमें प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, स्टार्टअप और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
12 प्रमुख क्षेत्रों पर होगा विचार-विमर्श
सम्मेलन में 12 प्रमुख विषयगत क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य अनुसंधान की प्राथमिकताएं तय करने, देश की वैज्ञानिक क्षमताओं को मजबूत बनाने और शोध से प्राप्त उपलब्धियों को व्यावहारिक उपयोग में लाने के उपाय तलाशना है।
आयोजन के दौरान स्वदेशी वैज्ञानिक उपलब्धियों और नई तकनीकों को प्रदर्शित करने के लिए व्यापक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें गहन प्रौद्योगिकी से जुड़े लगभग 150 स्टार्टअप अपने उत्पादों, तकनीकी विकास और संभावित उपयोगों का प्रदर्शन करेंगे।
नई तकनीकों और उनके उपयोगों का प्रदर्शन
सम्मेलन में विषयगत वीडियो, तकनीकी प्रदर्शन, वृत्तचित्र और सूचना केंद्रों के माध्यम से वैज्ञानिक प्रगति की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा संवर्धित वास्तविकता और आभासी वास्तविकता से जुड़े अनुभवों के जरिए यह दिखाया जाएगा कि नई तकनीकों का इस्तेमाल वास्तविक जीवन में किस तरह किया जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
सम्मेलन में पहली बार ‘ग्लोबल कनेक्ट नेटवर्किंग कार्यक्रम’ के तहत भारत और विदेशों के शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों तथा उद्योग जगत से जुड़े 300 से अधिक आमंत्रित प्रतिभागी शामिल होंगे।
इस पहल का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शोध साझेदारी को बढ़ाना, उद्योगों और शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग मजबूत करना तथा प्रयोगशालाओं में विकसित नवाचारों को बाजार तक पहुंचाने के अवसर तलाशना है।














