भोपाल, 26 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सोमवार को भोपाल के बिट्टन मार्केट स्थित दशहरा मैदान में नाबार्ड और ओजस्विनी के राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ग्रामीण भारत की कला, कारीगरों की मेहनत और आत्मनिर्भरता की भावना को प्रदर्शित करता है। विभिन्न राज्यों की संस्कृति, खानपान और परंपराओं की झलक ऐसे आयोजनों के माध्यम से मिलती है और एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना मजबूत होती है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्पाद मेले ग्रामीण महिलाओं और हुनरमंद कारीगरों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर देते हैं। उन्होंने लोगों से मेले में पहुंचकर हस्तनिर्मित वस्तुएं खरीदने और कारीगरों का उत्साह बढ़ाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि नाबार्ड कौशल विकास, आजीविका और उद्यमिता के माध्यम से ग्रामीण युवाओं तथा महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ा रहा है। राज्यपाल ने नाबार्ड, मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक, ओजस्विनी फाउंडेशन और सहयोगियों के प्रयासों की सराहना की।
पटेल ने आयोजकों से महोत्सव का व्यापक प्रचार करने और उत्पादों की जानकारी अधिक लोगों तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान ऐसे आयोजन स्थानीय शिल्प और कलाकारों को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कारीगरों के उत्पादों का किया अवलोकन
राज्यपाल ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों के शिल्प उत्पाद देखे और कारीगरों से बातचीत कर उनके काम की सराहना की। महोत्सव 26 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक एससी साहू ने स्वागत उद्बोधन दिया। ओजस्विनी समदर्शिनी न्यास की अध्यक्ष डॉ. सुधा मलैया ने आयोजन के प्रयासों की जानकारी दी। मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष आरसी बेहरा ने ग्रामीण कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को दिए जा रहे वित्तीय प्रोत्साहन पर प्रकाश डाला। नाबार्ड की मध्य प्रदेश प्रमुख सी. सरस्वती ने कारीगरों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में संस्था की भूमिका बताई। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों के शिल्पकारों ने भाग लिया।














