एक महत्वपूर्ण संभागीय मुख्यालय पर पदस्थ बड़े साहब का यूं तो प्रक्रियागत तबादला हुआ है, लेकिन तबादले से कुछ दिन पहले एक स्थानीय पूर्व माननीय से हुई तनातनी को उनके समर्थक साहब की बढ़ती ताकत से जोड़ रहे हैं। उनका मानना है कि साहब सामने वाले को बहुत हल्के में ले रहे थे। अब देख लिया, ताकत दिखा दी न!














