भोपाल, 26 अक्टूबर।
राजधानी के मानस भवन में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती प्रकटोत्सव के अवसर पर समरसता सम्मेलन आयोजित किया गया। अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में समाज सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले वाल्मीकि समाज के 15 सामाजिक कार्यकर्ताओं को शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
भोपाल की महापौर मालती राय ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के विचार आज भी समाज को एकता, सद्भाव और भाईचारे की प्रेरणा देते हैं। उनके द्वारा रचित रामायण सत्य, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक समरसता का संदेश देती है।
विधायक भगवानदास सबनानी ने समाज सेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना की। सम्मेलन में वक्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए समाज के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प व्यक्त किया।
सम्मानित होने वालों में दिनेश भारती, आशा पारोचे, ब्रजेश टांक, विरेन्द्र धोलपुरे, आरती नरवारे, दुलीचंद ऊंटवाल, जयप्रकाश खरे, संजय डुमाने, छाया वाल्मीकि, गीता वाल्मीकि, वंदना खरे, रेखा धोलपुरिया, संगीता राजौरिया, अंजना घावरी और मुकेश वाल्मीकि शामिल रहे।
कार्यक्रम में भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से आए 750 से अधिक नागरिकों और गणमान्यजनों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ समानता, आपसी सम्मान और सामाजिक एकता को मजबूत करना रहा।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष पंकज जोशी, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व सदस्य गंगाराम घोषरे, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष सूरज खरे और अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के आयुक्त सतेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।














