भोपाल, 26 अक्टूबर।
खण्डेलवाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लोगों को रोजमर्रा के जीवन में देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इससे स्थानीय कारीगरों, छोटे कारोबारियों और घरेलू उत्पादकों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। साथ ही नए उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
उन्होंने नागरिकों से स्वदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल करने और दूसरे लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उनके अनुसार, स्थानीय उत्पादों को अपनाना आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भागीदारी निभाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
4 नवंबर तक चलेगा स्वदेशी मेला
स्वदेशी जागरण मंच और स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन के संयुक्त आयोजन में यह मेला 24 अक्टूबर से 4 नवंबर तक एमवीएम कॉलेज मैदान में लगाया गया है। यहां देशभर के स्वदेशी उत्पादों के 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के कारीगरों और उत्पादकों को अपनी वस्तुओं के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिल रहा है।
मेले का उद्देश्य लोगों को स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक करना, भारतीय वस्तुओं की खरीदारी को बढ़ावा देना और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को आमजन तक पहुंचाना है।














