चेन्नई, 28 अक्टूबर।
ऑल इंडिया पुराच्चि थलाइवर मक्कल मुनेत्र कड़गम (एआईपीटीएमएमके) ने वीके शशिकला को पार्टी से निष्कासित करने का निर्णय लिया है। पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष चक्रवर्ती के अनुसार, 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में शामिल हुईं शशिकला ने पार्टी का नेतृत्व करने और उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारने की जिम्मेदारी संभाली थी। हालांकि, चुनाव के बाद उन पर संगठन की गतिविधियों से दूरी बनाने और पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात नहीं करने के आरोप लगे हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं ने उनसे मिलने की कई बार कोशिश की, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। इस रवैये से संगठन में नाराजगी बढ़ी। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा के बाद शशिकला को पार्टी से बाहर करने का फैसला लिया गया। पार्टी नेतृत्व का आरोप है कि उन्होंने चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल किया, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद संगठन के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।
शशिकला, तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की करीबी सहयोगी और अन्नाद्रमुक की पूर्व महासचिव रह चुकी हैं। कुछ सप्ताह पहले उन्होंने अन्नाद्रमुक के कार्यकर्ताओं से एकजुट होने और पार्टी को फिर से मजबूत जन आंदोलन बनाने की अपील की थी। उन्होंने तमिलनाडु में एक बार फिर ‘अम्मा’ का शासन स्थापित करने की इच्छा भी जताई थी। अब उनके अन्नाद्रमुक में वापस शामिल होने की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। एआईपीटीएमएमके के मुताबिक, पार्टी के नियमों के तहत हर तीन साल में संगठनात्मक चुनाव कराए जाते हैं। आगामी फरवरी में होने वाले संगठनात्मक चुनाव से पहले शशिकला के निष्कासन की औपचारिक घोषणा किए जाने और उन्हें नोटिस भेजे जाने की बात कही गई है।
















