चेन्नई, 29 अक्टूबर।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को चेन्नई स्थित सचिवालय के भीतर राज्य मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। टीवीके सरकार के सत्ता की बागडोर संभालने के पश्चात यह तीसरी कैबिनेट बैठक है। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान नए औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने, राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, विभिन्न शासकीय कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नए सचिवालय निर्माण के लिए संभावित स्थानों के चयन जैसे कई अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा होने के आसार हैं।
इस मंत्रिमंडल बैठक में राज्य में नए उद्योग धंधे स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न परियोजनाओं को हरी झंडी देने से संबंधित प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त राज्य में पूर्व से संचालित हो रही बड़ी कंपनियों के विस्तार ढांचों और नई औद्योगिक कार्ययोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करने से जुड़े विषय भी विमर्श के केंद्र में रह सकते हैं।
इन तमाम प्रस्तावों के जरिए राज्य के भीतर औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार तेज करने, बाहरी पूंजी निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर राज्य सरकार का पूरा ध्यान केंद्रित रहने की संभावना जताई जा रही है। यद्यपि, इन सभी परियोजनाओं और प्रस्तावों पर अंतिम आधिकारिक निर्णय बैठक समाप्त होने के पश्चात ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।
दूसरी ओर चेन्नई के पट्टिनपक्कम इलाके में नया सचिवालय बनाने की प्रस्तावित योजना का व्यापक स्तर पर विरोध प्रारंभ हो चुका है। विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ-साथ मछुआरा समुदाय के लोगों ने भी इस स्थल चयन पर तीव्र आपत्ति दर्ज कराई है। ऐसी परिस्थिति में आज की बैठक के दौरान नए सचिवालय भवन के निर्माण और उसके वास्ते अन्य वैकल्पिक स्थानों पर भी विचार किए जाने का अनुमान है।
इससे पूर्व चेन्नई स्थित पल्लवन इल्लम में नया सचिवालय स्थापित किए जाने की संभावनाओं को लेकर भी चर्चाएं सामने आ चुकी हैं। अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि शासन इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर क्या रुख अपनाता है तथा क्या किसी नए स्थान को अंतिम रूप दिया जाता है।
बैठक में चुनाव के समय जनता से किए गए वादों तथा विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा घोषित 436 योजनाओं को धरातल पर उतारने हेतु उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों की भी समीक्षा की जा सकती है। इसके साथ ही प्रत्येक विभाग के निर्धारित लक्ष्यों, दूरगामी विकास योजनाओं तथा वर्तमान में संचालित परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी खंगाले जाने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में आयोजित समीक्षा बैठकों के दौरान अधिकारियों को दिए गए दिशा-निर्देशों एवं सुझावों पर की गई अमल रिपोर्ट का आकलन भी इस बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल हो सकता है। इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य विभागीय कामकाज की गति को जांचना और योजनाओं के क्रियान्वयन में सामने आ रही रुकावटों का समाधान निकालना होगा।
थेनी जिले की जेल से हाल ही में 17 बंदियों के फरार होने की सनसनीखेज वारदात के बाद राज्य की कारागार सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में कैबिनेट बैठक के दौरान कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने, निगरानी के उपकरणों को बेहतर बनाने तथा सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हो सकती है। राज्यभर की समग्र कानून-व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की भी संभावना है, हालांकि आधिकारिक निर्णय की पुष्टि बैठक के बाद ही हो पाएगी।
इस बीच तमिलनाडु प्रशासन ने दिव्यांगजनों के लिए निशुल्क बस यात्रा सुविधा के विस्तार को लेकर 29 अक्टूबर की सुबह ही शासकीय आदेश जारी कर दिया है। राज्य में महिलाओं को पहले से ही निर्दिष्ट सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ प्राप्त हो रहा है। अब दिव्यांगजनों को भी निर्धारित पात्रता और मानकों के अनुरूप इस कल्याणकारी योजना का लाभ देने की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है। इस जनकल्याणकारी निर्णय से दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवागमन में बड़ी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
आज आयोजित इस तमिलनाडु मंत्रिमंडल की बैठक पर राज्य भर की निगाहें टिकी हुई हैं। बैठक के समापन के पश्चात ही सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणाएं की जाएंगी कि किन-किन प्रस्तावों पर मुहर लगी है और कौन से नए नीतिगत फैसले लिए गए हैं।
















