भोपाल, 30 अक्टूबर।
सूबे में चक्रवात 'अर्नब' का प्रभाव साफतौर पर दिखाई दे रहा है, जिसके चलते तेज आंधी और बारिश का सिलसिला लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दो नवंबर तक प्रदेश के तमाम इलाकों में वर्षा की गतिविधियां जारी रहने के आसार जताए गए हैं। शुक्रवार को ग्वालियर और जबलपुर संभाग समेत कुल 33 जिलों में तीव्र आंधी के साथ हल्की बरसात का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इन ठंडी हवाओं और पानी गिरने के कारण गुरुवार के दिन के पारे में दो डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पचमढ़ी 15.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ सबसे सर्द स्थान रहा।
मौसम एजेंसी द्वारा अगले चौबीस घंटों के दौरान जिन जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है, उनमें राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं। इसके विपरीत भोपाल, रायसेन, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, देवास, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में धूप खिलने की संभावना व्यक्त की गई है।
इस बेमौसम बरसात ने अन्नदाताओं की नींद उड़ा दी है। पांढुर्णा की कृषि उपज मंडी में गुरुवार को खुले आसमान के नीचे रखा हुआ मक्का पूरी तरह भीग गया, जिससे हजारों क्विंटल फसल के बर्बाद होने का अंदेशा पैदा हो गया है। छिंदवाड़ा समेत अनेक जिलों में धान की पकी हुई फसल अभी भी खेतों में खड़ी है, जिसे इस पानी से भारी नुकसान पहुंच सकता है। रायसेन के दशहरा मैदान पर करीब दो सौ ट्रॉलियों में धान भरकर पहुंचे किसानों को भी अपनी उपज को सुरक्षित बचाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। बीते दिन भोपाल, सागर, सिंगरौली, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, सीहोर और नर्मदापुरम के कई क्षेत्रों में बरसात दर्ज की गई। हालांकि इस अप्रत्याशित बारिश से तुअर, कपास और संतरे की फसलों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद भी लगाई जा रही है।
बारिश और झोकेदारों हवाओं के कारण गुरुवार को प्रदेश के तमाम हिस्सों में दिन में ही सिहरन महसूस की गई। अधिकतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट आई है और रात्रिकालीन पारे में भी ठंडक घुल गई है। बीती रात सैलानी नगरी पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा नौगांव में 15.6, अमरकंटक में 16.1, खरगोन व दमोह में 17 और धार में 17.1 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया।
भले ही राज्य से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई बीते 3 अक्टूबर को ही पूरी हो चुकी हो, लेकिन नए मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से बारिश का दौर लौट आया है। चक्रवात अर्नब के असर से आने वाले कुछ दिनों तक मौसम के मिजाज में इसी प्रकार का बदलाव बने रहने की पूरी संभावना बनी हुई है।















