मध्यप्रदेश के एक जिले में कप्तान साहब और उनके सहयोगी समकक्षों के बीच बहुत अच्छे संबंध नहीं नजर आते। बड़े साहब कोई मौका नहीं चूकते छोटे साहब का सार्वजनिक अभिनंदन करने का। पता नहीं क्या मजबूरी है कि इतने मधुर संबंधों के बाद भी इतना आपसी सद्भाव कुछ अलग ही कहानी कहता है।















